समुंदर किनारे दो हफ़्ते
उसने खुद से वादा किया था कि छुट्टियों का यह रोमांस एयरपोर्ट पर ही खत्म हो जाएगा। लेकिन बीच बार वाले उस आदमी को उसके कमरे का नंबर याद था, और रातें लंबी, गर्म और खूबसूरत नादानियों से भरी थीं। दूसरी ही शाम तक उसके खुद के बनाए नियम एक-एक करके पिघलने लगे — और उसने पाया कि उसे इससे कोई एतराज़ नहीं है।
लारा ने लंबी साँस छोड़ी और अपने होटल के कमरे की ओर बढ़ी। द्वीप पर यह उसकी बस दूसरी शाम थी और बीच पार्टी अच्छी रही थी, पर वह थक चुकी थी। उसे बस गर्म पानी से नहाना था, पजामा पहनना था और बाक़ी रात बिस्तर पर ढह जाना था।
मोड़ मुड़ते ही वह एक लंबे, कसरती बदन से टकराते-टकराते बची।
"ओह! माफ़ करना," उसने बुदबुदाते हुए ऊपर देखा। और जम गई।
वही था। बीच बार वाला आदमी, जिसने पिछली शाम तीन घंटे तक उसे हँसाया था। तराशा हुआ जबड़ा, भेदती नीली आँखें और वह सहज मुस्कान जिससे उसका दिल तेज़ धड़कने लगता था। लूका। उसने उसे नक़ली नाम दिया था और नंबर बिल्कुल नहीं, फिर भी उसने उसकी मंज़िल ढूँढ ली थी।
"हे," उसने धीमी, शरारती आवाज़ में कहा। "देखो कौन मिल गया।"
लारा ने घूँट भरा। उसे कह देना चाहिए था कि वह चला जाए। उसने जहाज़ में ही तीन नियम बनाए थे: कोई असली नाम नहीं, कोई नंबर नहीं, ऐसा कुछ नहीं जो घर तक पीछे आए। दो हफ़्ते, फिर एयरपोर्ट, फिर उसकी वही आम ज़िंदगी। अभी रोक दो, इससे पहले कि बात हाथ से निकल जाए।
पर तभी वह और पास आया, और दरवाज़े के हैंडल की तरफ़ हाथ बढ़ाते हुए उसकी उँगलियाँ लारा के हाथ से छू गईं।
"लगता है रात लंबी रही," उसने धीमे से कहा। "क्यों न मैं अंदर आकर तुम्हें… रिलैक्स करने में मदद करूँ?"
इससे पहले कि वह मना कर पाती, वह उसकी बाँहों में थी, उसके होंठ जलते चुम्बन में लारा के होंठों से टकरा गए। लारा पिघल गई, बदन ख़ुद-ब-ख़ुद जवाब देने लगा, जबकि दिमाग़ चीख-चीखकर रोकने को कह रहा था।
उसने लारा को दीवार से सटा दिया, हाथ उसके उभारों पर घूमते रहे और चुम्बन गहरा होता गया।
"साला, मैं पूरे हफ़्ते तुम्हें चाहता रहा," वह गुर्राया। "तुम्हारे बारे में सोचना बंद नहीं कर पाया। तुम्हें पाना ही था।"
उसके लफ़्ज़ों से लारा के बदन में चाहत की सिहरन दौड़ गई। हे भगवान, आख़िरी बार किसी ने उससे ऐसे कब बात की थी? इतनी कच्ची, बेपर्दा चाहत के साथ।
"प्लीज़," उसने ख़ुद को हाँफते हुए मिन्नत करते सुना। "मुझे तुम चाहिए। मुझे यह चाहिए।"
वह शरारत से मुस्कुराया, आँखों में गहरा वादा चमक रहा था।
"तो एक पल भी बर्बाद नहीं करते।"
एक झटके में उसने लारा को गोद में उठाया और कमरे में ले गया, पैर से दरवाज़ा बंद करते हुए। उसके होंठ फिर लारा के होंठों पर लौट आए जब उसने उसे बिस्तर पर लिटाया, अपना बदन उस पर टिकाते हुए।
एक ही सधी हरकत में उसने लारा का बिकिनी टॉप खींचकर लापरवाही से एक ओर फेंक दिया। वह झुका, गर्म मुँह से एक तने